रूस-यूक्रेन युद्ध का बड़ा असर, आर्सेलरमित्तल ने यूक्रेन का स्टील प्लांट किया बंद

रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब यूक्रेन के बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दुनिया की प्रमुख स्टील कंपनियों में शामिल आर्सेलरमित्तल (ArcelorMittal) ने यूक्रेन के क्रिवी रिह स्थित अपने बड़े स्टील प्लांट को सुरक्षित और लगातार चलाना संभव नहीं होने के कारण बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने 25 सितंबर 2026 को यूक्रेन सरकार को इसकी जानकारी दी।

कंपनी के मुताबिक पिछले करीब पांच हफ्तों में आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह प्लांट पर चार मिसाइल हमले हुए। इन हमलों में पांच लोगों की मौत हुई और 17 कर्मचारी घायल हुए। घायलों में से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। 21 सितंबर को हुआ हमला इस सिलसिले का सबसे हालिया हमला था। इससे प्लांट की उत्पादन सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचा है।

इससे पहले अगस्त में हुए हमले में प्लांट के ऊर्जा और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े अहम हिस्से क्षतिग्रस्त हुए थे। सितंबर में हुए दूसरे हमले के बाद प्राथमिक स्टील उत्पादन रोक दिया गया था, जबकि प्लांट के बाकी हिस्सों को या तो बंद किया गया या न्यूनतम क्षमता पर चलाया जा रहा था।

कंपनी ने कहा है कि फिलहाल उसका मुख्य ध्यान प्लांट के बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने पर रहेगा, ताकि युद्ध खत्म होने और परिस्थितियां सुरक्षित होने के बाद उत्पादन दोबारा शुरू करने का विकल्प बना रहे। आर्सेलरमित्तल ने युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेनी कारोबार को बनाए रखने के लिए 700 मिलियन डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता भी दी है।

इस फैसले का असर यूक्रेन के स्टील और खनन क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह यूक्रेन की प्रमुख खनन और स्टील कंपनियों में से एक है। 2025 में इसके यूक्रेनी कारोबार से करीब 17 अरब डॉलर नहीं, बल्कि 1.7 अरब डॉलर की बिक्री हुई थी और कंपनी ने करीब 15 लाख टन स्टील की शिपमेंट की थी।

आर्सेलरमित्तल ने यह भी बताया है कि प्लांट बंद होने के कारण उसे करीब 1 अरब डॉलर का गैर-नकद नुकसान (non-cash impairment charge) दर्ज करना पड़ सकता है। कंपनी के अनुसार यह मुख्य रूप से प्लांट की संपत्ति और उत्पादन उपकरणों की वैल्यू में कमी से जुड़ा होगा।

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इस प्लांट को पहले भी बिजली की कमी, महंगी ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स में दिक्कत और उत्पादन में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। अब लगातार मिसाइल हमलों के बाद कंपनी ने सुरक्षा को देखते हुए उत्पादन रोकने और प्लांट को बंद रखने का फैसला किया है।