बदरीनाथ में DJ कॉन्सर्ट पर जोशी नाराजबोले- यहां शंख बजाना भी मना है

उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में हाल ही में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बदरीनाथ में 19 और 20 सितंबर को ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल’ का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ था। इसमें संगीत और डांस कार्यक्रम भी हुए, जिसके वीडियो सामने आने के बाद धार्मिक परंपराओं और धाम की मर्यादा को लेकर सवाल उठने लगे। यह आयोजन भारतीय सेना की ‘ऑपरेशन सद्भावना’ पहल के तहत चमोली जिला प्रशासन और उत्तराखंड पर्यटन के सहयोग से हुआ था।

इस मामले पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बदरीनाथ धाम में DJ कॉन्सर्ट की अनुमति देना सांस्कृतिक मर्यादा का उल्लंघन है और इससे धाम की पवित्रता प्रभावित होती है। जोशी ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने इस धाम की स्थापना हिमालय के शांत वातावरण में भगवान की भक्ति और भजन के लिए की थी।

जोशी ने खास तौर पर कहा कि बदरीनाथ में शंख बजाना भी परंपरा के अनुसार मना है। ऐसे में वहां तेज आवाज वाले संगीत कार्यक्रम और DJ का आयोजन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों की अनदेखी है। उन्होंने इतनी ऊंचाई पर बड़ी संख्या में लोगों के नाचने से स्वास्थ्य पर संभावित असर का मुद्दा भी उठाया। जोशी ने इसे देवभूमि में ‘बाजारू संस्कृति’ के बढ़ने का संकेत बताया।

इस आयोजन को लेकर साधु-संतों और तीर्थ पुरोहितों की ओर से भी आपत्ति सामने आई है। उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने बदरीनाथ में धार्मिक परंपराओं का हवाला देते हुए कार्यक्रम के स्वरूप और तेज संगीत पर सवाल उठाए। कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक गायिका प्रियंका मेहर की प्रस्तुति भी हुई थी और इसके दौरान लोगों के डांस करने के वीडियो सामने आए।

मुरली मनोहर जोशी ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से बदरीनाथ जैसे पवित्र स्थलों पर इस तरह के आयोजनों पर रोक लगाने और देवभूमि की धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने शंकराचार्यों और संत-महात्माओं से भी संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रभावी आवाज उठाने का आग्रह किया है।