रुबियो के मुंबई दौरे पर राहुल गांधी का तंज, बोले- मोदी जी, मैं समझा दूं

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के आगामी भारत दौरे को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी रुबियो के दौरे और उनसे होने वाली बैठकों को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि अधिकारियों को समझाने की जरूरत है, और अगर प्रधानमंत्री चाहें तो वह खुद भी यह काम कर सकते हैं।

राहुल गांधी का यह बयान भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मार्को रुबियो मुंबई में भारतीय सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर के इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाया कि भारतीय विदेश मंत्री की बैठक की जानकारी अमेरिकी राजदूत की ओर से क्यों दी जा रही है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान के दौरे पर रहेंगे। भारत यात्रा के दौरान वह मुंबई और गुजरात के जामनगर जाएंगे। मुंबई में उनकी वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से मुलाकात प्रस्तावित है। वहीं, जामनगर में वह रिलायंस की रिफाइनरी से जुड़ी गतिविधियों का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, इस दौरे में कारोबार, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और निवेश से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ाने और कारोबारी अवसरों को मजबूत करने पर भी चर्चा हो सकती है। रुबियो की कारोबारी नेताओं के साथ बैठकें भी प्रस्तावित हैं, ताकि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाया जा सके।

राहुल गांधी के बयान के बाद रुबियो की यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार से इस दौरे और प्रस्तावित बैठकों को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। वहीं, 16 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भारतीय जनता पार्टी की ओर से राहुल गांधी के इस तंज पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब इस दौरे के दौरान होने वाली बैठकों और दोनों देशों के बीच बातचीत पर नजर रहेगी।