मिसाइलें समय पर पहुंच रहीं… UN में बालेन शाह के भाषण की हो रही तारीफ

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह यानी बालेन शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने पहले संबोधन में वैश्विक व्यवस्था पर कई अहम सवाल उठाए। न्यूयॉर्क में दिए अपने भाषण में उन्होंने युद्ध, जलवायु परिवर्तन और आम लोगों की जरूरतों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके भाषण का एक बयान खास तौर पर चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि दुनिया में मिसाइलें और हथियार समय पर पहुंच जाते हैं, लेकिन किसानों तक खाद और आम लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने में दिक्कत आती है।

बालेन शाह ने कहा कि दुनिया ने युद्ध के लिए बेहद मजबूत सप्लाई सिस्टम तैयार कर लिया है। मिसाइलें, राइफल और गोला-बारूद सीमाओं के पार आसानी से पहुंच जाते हैं, लेकिन खाद, ईंधन और भोजन जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई अब भी कई जगहों पर कमजोर है। उन्होंने इसे वैश्विक व्यवस्था की एक बड़ी विडंबना बताते हुए कहा कि युद्ध के लिए तैयार व्यवस्थाओं की तुलना में लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने वाली व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।

अपने संबोधन में बालेन शाह ने जलवायु परिवर्तन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों के पिघलने, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। नेपाल जैसे देशों को जलवायु परिवर्तन का गंभीर असर झेलना पड़ रहा है, जबकि वैश्विक उत्सर्जन में उनका योगदान बेहद कम है। उन्होंने विकसित देशों से जलवायु संकट से प्रभावित देशों को ज्यादा सहयोग देने की अपील की।

बालेन शाह ने दक्षिण एशिया में जलवायु संकट से निपटने के लिए नेपाल, भारत और चीन के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में जलवायु संबंधी जानकारी, विशेषज्ञता और संसाधनों को साझा करने के लिए एक साझा तंत्र बनाने का प्रस्ताव रखा। उनके भाषण में युद्ध और जलवायु संकट के साथ-साथ वैश्विक असमानता और विकासशील देशों की चुनौतियों का भी जिक्र रहा।

बालेन शाह के इस संबोधन के बाद उनके भाषण के कई हिस्से सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं। खास तौर पर मिसाइलों और खाद की आपूर्ति को लेकर दिया गया उनका बयान वैश्विक व्यवस्था पर उनकी बात को सीधे और सरल तरीके से सामने रखता है।