मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल में 6 महीने बढ़ा AFSPA, केंद्र ने लिया बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम यानी AFSPA को अगले छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह विस्तार 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। सरकार ने यह फैसला संबंधित इलाकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया है।

मणिपुर में AFSPA को कुछ इलाकों को छोड़कर ज्यादातर हिस्सों में लागू रखा गया है। राज्य में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के बाद सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार की ओर से समय-समय पर हालात की समीक्षा की जाती है और उसी के आधार पर AFSPA के दायरे में बदलाव किया जाता है।

नागालैंड में भी कई जिलों और कुछ पुलिस थाना क्षेत्रों को ‘अशांत क्षेत्र’ के दायरे में रखा गया है। इनमें दीमापुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफिरे, नोकलाक, फेक, पेरेन और मेलुरी जैसे जिले शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य जिलों के चुनिंदा पुलिस थाना क्षेत्रों में भी AFSPA जारी रहेगा।

अरुणाचल प्रदेश में तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों के साथ-साथ नॉमसाई जिले के कुछ पुलिस थाना क्षेत्रों में AFSPA बढ़ाया गया है। ये इलाके सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं और असम तथा म्यांमार सीमा से जुड़े क्षेत्रों के आसपास स्थित हैं।

AFSPA के तहत किसी क्षेत्र को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किए जाने के बाद सशस्त्र बलों को कानून के तहत कुछ विशेष अधिकार मिलते हैं। इनमें परिस्थितियों के अनुसार तलाशी, गिरफ्तारी और निर्धारित परिस्थितियों में बल प्रयोग जैसी शक्तियां शामिल हैं। इस कानून का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को आतंकवाद और सशस्त्र हिंसा जैसी स्थितियों से निपटने के लिए कानूनी अधिकार उपलब्ध कराना है।

केंद्र सरकार ने फिलहाल इन तीनों राज्यों के संबंधित इलाकों में AFSPA को अगले छह महीने तक जारी रखने का फैसला किया है। सुरक्षा स्थिति में सुधार होने पर सरकार भविष्य में इसके दायरे की दोबारा समीक्षा कर सकती है।