भारत-अमेरिका ट्रेड डील 90% से ज्यादा पूरी, अंतिम मुद्दों पर बातचीत जारी

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। एक वरिष्ठ अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी ने 25 सितंबर 2026 को बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता 90 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है और अब केवल कुछ अंतिम मुद्दों पर बातचीत बाकी है। अधिकारी के मुताबिक, दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं। यह ट्रेड डील भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं में महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। अमेरिकी अधिकारी ने व्यापार को दोनों देशों के रिश्तों में लंबे समय से प्रमुख अड़चनों में से एक बताया और कहा कि समझौता पूरा होने के बाद द्विपक्षीय संबंधों में एक नया स्तर देखने को मिल सकता है। हालांकि, अभी समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और बाकी मुद्दों पर बातचीत जारी है।

इस समझौते की दिशा में फरवरी 2026 में दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तैयार किया था। भारत सरकार के अनुसार, व्यापक Bilateral Trade Agreement (BTA) के तहत बाजार पहुंच, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं जैसे मुद्दों पर आगे बातचीत होनी है। फरवरी के ढांचे में अमेरिका और भारत ने कई क्षेत्रों में व्यापारिक पहुंच बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

ट्रेड डील का असर दोनों देशों के कारोबार, निर्यात और निवेश पर पड़ सकता है। भारत के लिए अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और टैरिफ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जबकि अमेरिका की ओर से भारतीय बाजार में अमेरिकी औद्योगिक, कृषि और अन्य उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच पर जोर दिया गया है। फरवरी के अंतरिम ढांचे में दोनों देशों ने डिजिटल ट्रेड, तकनीक और सप्लाई-चेन सहयोग को भी आगे बढ़ाने की बात कही थी। इस बीच भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी हाल में कहा था कि अमेरिका के साथ समझौता लगभग पूरा हो चुका है और भारत अंतिम रूप देने से पहले अपने उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ दिलाने से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दे रहा है। अगर यह समझौता अंतिम रूप लेता है, तो भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में व्यापार और निवेश सहयोग का एक नया चरण शुरू हो सकता है। फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि दोनों देश बचे हुए मुद्दों पर कब सहमति बनाते हैं और अंतिम ट्रेड एग्रीमेंट कब लागू होता है।