दिल्ली में मानसून वापसी के बाद भी क्यों हो रही बारिश? समझिए मौसम का पूरा खेल

दिल्ली में मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन राजधानी और एनसीआर में बारिश का सिलसिला एक बार फिर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 सितंबर 2026 को दिल्ली से वापस लौट चुका था, यानी सामान्य तारीख 25 सितंबर से करीब दो दिन पहले। इसके बावजूद 26 और 27 सितंबर को दिल्ली में बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।

मानसून खत्म, फिर बारिश क्यों?

दरअसल, मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि बारिश तुरंत पूरी तरह बंद हो जाएगी। IMD मानसून की वापसी का निर्धारण लगातार करीब पांच दिनों तक बारिश की गतिविधि में कमी, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वातावरण में नमी घटने जैसे संकेतों के आधार पर करता है। मौजूदा स्थिति में दिल्ली की बारिश सीधे तौर पर लौट रहे मानसून के कारण नहीं, बल्कि एक अलग मौसम प्रणाली के प्रभाव से जुड़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ एक Western Disturbance की मौजूदगी ने उत्तर भारत के वातावरण को फिर से नम और अस्थिर बना दिया है। इन प्रणालियों की परस्पर क्रिया से दिल्ली-एनसीआर में बादल, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन रही है।

दिल्ली में अगले कुछ दिनों का मौसम

IMD के दिल्ली मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 26 और 27 सितंबर को सामान्यतः बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। 26 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी भी दी गई है। 28 सितंबर को हल्की बारिश की संभावना है, जबकि इसके बाद मौसम के अपेक्षाकृत साफ होने का अनुमान है। यानी दिल्ली में हो रही यह बारिश मानसून की वापसी को रद्द नहीं करती। इसे मानसून के बाद सक्रिय हुई अलग मौसम प्रणालियों से पैदा हुई बारिश के रूप में समझना चाहिए। मानसून की आधिकारिक वापसी और उसके बाद किसी डिप्रेशन या पश्चिमी विक्षोभ के कारण होने वाली बारिश—दोनों अलग मौसम प्रक्रियाएं हैं।