नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव को लेकर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति अब भी बनी हुई है। ऐसे में ITBP अपनी सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों को लगातार मजबूत कर रही है। बल आधुनिक तकनीक, विशेष कमांडो टीमों और बेहतर प्रशिक्षण के जरिए सीमा पर आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने की तैयारी कर रहा है।
ITBP महानिदेशक ने राजस्थान के अलवर में आयोजित हिमवीर सम्मान समारोह के दौरान जवानों की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में शौर्य कमांडो टीमों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी भूमिका निभाई है। अब इन विशेष टीमों को सीमा पर तैनात सभी बटालियनों में शामिल करने की योजना है। इसका उद्देश्य कठिन पहाड़ी इलाकों में किसी भी आपात स्थिति से तेजी से निपटना और जवानों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है।
जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। इस घटना के बाद सीमा पर तैनात जवानों की तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसी दिशा में ITBP ने ‘स्ट्राइक’ नाम का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत जवानों को आमने-सामने की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बल का लक्ष्य 2027 के अंत तक सभी जवानों को इस प्रशिक्षण से जोड़ना है।
सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ITBP ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक पर भी विशेष ध्यान दे रही है। बल की सीमा सुरक्षा बटालियनों में ड्रोन प्लाटून तैयार की गई हैं और जवानों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही ड्रोन बनाने की क्षमता विकसित करने और दुश्मन के ड्रोन का पता लगाकर उन्हें रोकने वाली तकनीक को मजबूत करने पर भी काम हो रहा है। आधुनिक युद्ध में ड्रोन निगरानी और सुरक्षा के लिए अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
अत्यधिक ठंड और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैनात जवानों की सुरक्षा के लिए ITBP भूमिगत बंकर और सुरक्षित आश्रय स्थल विकसित करने पर भी काम कर रही है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में जवानों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत एक पायलट परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा, सीमा पर तैनात जवानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बैरकों को ठंड से बचाने, बिजली की उपलब्धता बढ़ाने और सोलर वॉटर हीटर जैसी सुविधाएं लगाने के कदम भी उठाए गए हैं।
ITBP ने अपने 383 बैरकों में से 342 को ठंड से बचाने के लिए इंसुलेट किया है। दूरदराज की चौकियों पर बिजली की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 141 जनरेटर सेट की व्यवस्था की गई है। बल जवानों के खानपान, शारीरिक फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे रहा है, ताकि कठिन परिस्थितियों में उनकी कार्यक्षमता बनी रहे।
भारत-चीन सीमा की सुरक्षा में ITBP की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में विशेष कमांडो टीमों, आधुनिक ड्रोन, बेहतर प्रशिक्षण और सुरक्षित बंकरों पर जोर देना सीमा पर तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। बल का उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना करना और देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।





