एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, शीतल-तोमन की जोड़ी को गोल्ड; स्वाति को सिल्वर

जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। तीरंदाजी में शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि स्वाति चौधरी ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं, डिस्कस थ्रो में सुवर्णा राज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को एक और स्वर्ण पदक दिलाया।

तीरंदाजी के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में शीतल देवी और तोमन कुमार का मुकाबला इंडोनेशिया की जोड़ी से हुआ। भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार निशाना लगाते हुए 151-148 के अंतर से जीत दर्ज की और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इससे पहले दोनों खिलाड़ियों ने क्वालिफिकेशन राउंड में 1402 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

वहीं, महिला W1 तीरंदाजी स्पर्धा में स्वाति चौधरी ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। फाइनल में उनका मुकाबला चीन की सेन मेंगकान से हुआ। स्वाति ने मुकाबले में 4-2 की बढ़त बना ली थी, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए 6-4 से जीत दर्ज की। इस तरह स्वाति को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि वह एशियन पैरा गेम्स की W1 तीरंदाजी श्रेणी में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं।

वहीं, महिला W1 तीरंदाजी स्पर्धा में स्वाति चौधरी ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। फाइनल में उनका मुकाबला चीन की सेन मेंगकान से हुआ। स्वाति ने मुकाबले में 4-2 की बढ़त बना ली थी, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए 6-4 से जीत दर्ज की। इस तरह स्वाति को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि वह एशियन पैरा गेम्स की W1 तीरंदाजी श्रेणी में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं।

एथलेटिक्स में सुवर्णा राज ने महिला F54 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। ईरान की शहला हदीदी ने 15.45 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि वियतनाम की थी न्गोक थुय गुयेन ने 14.65 मीटर के प्रदर्शन के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

भारतीय खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों से एशियन पैरा गेम्स में देश का पदक अभियान और मजबूत हुआ है। तीरंदाजी और एथलेटिक्स में मिली इन सफलताओं ने एक बार फिर साबित किया है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर खिलाड़ी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। भारत को अपने खिलाड़ियों से आगे भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।