उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत फिर खारिज, जेल से बाहर आने की उम्मीद को झटका

उमर खालिद और शरजील इमाम को जेल से बाहर आने की उम्मीद को एक बार फिर झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़ी साजिश के मामले में दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। दोनों पर UAPA समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है।

यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि हिंसा के पीछे एक बड़ी साजिश थी और उमर खालिद व शरजील इमाम की इसमें भूमिका रही। हालांकि, ये अभियोजन पक्ष के आरोप हैं और मामले में अभी अंतिम फैसला नहीं आया है।

दोनों की ओर से लंबे समय से जेल में रहने और ट्रायल में देरी का मुद्दा उठाया गया था। उनका कहना था कि लगातार हिरासत में रहने के कारण उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। वहीं, जांच एजेंसियों ने मामले की गंभीरता और आरोपों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।

जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भी दोनों को जमानत देने से इनकार किया था। इसके बाद जुलाई में निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कीं और अब दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला भी उनके खिलाफ आया है।

फिलहाल उमर खालिद और शरजील इमाम जेल में ही रहेंगे। मामले की कानूनी प्रक्रिया और ट्रायल आगे जारी रहेगा। यह भी महत्वपूर्ण है कि जमानत याचिका खारिज होना दोष साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में अंतिम फैसला अदालत में होने वाले ट्रायल और सामने आने वाले सबूतों के आधार पर होगा।