उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अक्टूबर का महीना राहत लेकर आ सकता है। प्रदेश के करीब 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 5 प्रतिशत से ज्यादा की कमी होने की संभावना है। यह राहत बिजली की खरीद और ईंधन की लागत में आए बदलाव के आधार पर तय होने वाले FPPCA यानी Fuel and Power Purchase Cost Adjustment के तहत मिल सकती है।
FPPCA के जरिए बिजली कंपनियां बिजली खरीदने और ईंधन की वास्तविक लागत में हुए बदलाव का हिसाब उपभोक्ताओं के बिल में करती हैं। जब बिजली खरीद की लागत कम होती है, तो इसका फायदा उपभोक्ताओं को बिल में राहत के रूप में मिल सकता है। इसी व्यवस्था के तहत पिछले कुछ महीनों में भी उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
बताया जा रहा है कि जुलाई में बिजली बिल में करीब 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत और सितंबर में करीब 7.93 प्रतिशत की राहत दी गई थी। अब अक्टूबर के लिए भी FPPCA की गणना के बाद बिल में 5 प्रतिशत से अधिक की कमी होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, अक्टूबर में वास्तविक राहत कितनी होगी, यह अंतिम गणना और आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। इसके अलावा हर उपभोक्ता के बिल में राहत की राशि उसकी बिजली खपत, कनेक्शन की श्रेणी और बिल में शामिल अन्य शुल्कों पर निर्भर करेगी। अगर यह राहत लागू होती है, तो आने वाले महीने में प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल में सीधा फायदा मिल सकता है।





